लॉन्च के दौरान कोई शुल्क नहीं • अभी चालू है

आपके अस्पताल के बिल में शायद गड़बड़ है।

WhatsApp पर अपने बिल की फोटो भेजें। हम हर लाइन को सरकारी रेट से मिलाते हैं और बताते हैं कि कौन-से चार्ज ज़्यादा हैं — और अब आपको क्या करना चाहिए।

ज़्यादातर जांच कुछ घंटों में पूरी। लॉन्च के दौरान कोई शुल्क नहीं।

कोई ऐप नहीं चाहिएकोई साइनअप नहींDPDP कानून का पालनलॉन्च के दौरान कोई शुल्क नहीं

बस तीन मैसेज। पूरे बिल की जांच।

कोई ऐप नहीं। कोई फॉर्म नहीं। सिर्फ WhatsApp — जो आप पहले से इस्तेमाल करते हैं।

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अपना बिल भेजें

अपने अस्पताल के बिल की फोटो खींचकर WhatsApp पर BillOkay को भेज दें। बस इतना ही।

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हम हर लाइन जांचते हैं

हमारी टीम हर प्रोसीजर, दवा और सामान की कीमत को CGHS, NPPA, PMJAY, GIPSA और AIIMS के सरकारी रेट से मिलाती है। ज़्यादा वसूली, दोहरी एंट्री और फर्जी आइटम पर निशान लगाती है।

AI इंजन जल्द आ रहा है • अभी इंसानी जांच
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अपनी रिपोर्ट पाएं

आपको मिलती है पूरी जांच रिपोर्ट — ओवरचार्ज की सही रकम, सरकारी रेट के हवाले, तैयार आपत्ति पत्र और बातचीत के लिए कदम-दर-कदम सलाह।

लोगों ने कितना वापस पाया।

असली, दर्ज मामले — खबरों, अदालत के आदेशों और उपभोक्ता मंचों से।

NDTV

'10 दिन के इलाज का ₹16 लाख का बिल — 70% ज़्यादा वसूली'

✓ नतीजा: जांच के बाद ₹11 लाख वापस मिले।
कर्नाटक सरकार

'जून 2024 का नया कानून: अस्पतालों को आइटम-वार बिल देना होगा, वरना जुर्माना'

→ नतीजा: नियमों में बड़ा कदम।
उपभोक्ता अदालत

'दिल्ली के अस्पताल पर ₹5.6 लाख का जुर्माना — एक सर्जिकल आइटम पर 480 गुना दाम वसूला'

✓ नतीजा: अदालत ने पैसे लौटाने का आदेश दिया।
TOI

'निजी अस्पताल ने डेंगू के इलाज के ₹18 लाख लिए, AIIMS में वही इलाज ₹3.5 लाख का था'

→ नतीजा: पूरे सिस्टम की समस्या, NHRC ने दखल दिया।

क्या आपके हाथ में भी ऐसा ही बिल है?

मेरा बिल जांचें

आपको क्या-क्या मिलता है।

अपने दस्तावेज़ WhatsApp पर भेजें। बदले में तीन चीज़ें मिलती हैं।

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हर गलत चार्ज, रुपयों में

लाइन-दर-लाइन नतीजे: बढ़े हुए रेट, दोहरी एंट्री, ऐसे आइटम जिनका बिल बनना ही नहीं चाहिए — हर एक के बगल में सरकारी रेट।

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तैयार आपत्ति पत्र

आपके असली आंकड़ों और उनके पीछे के नियमों के साथ लिखा हुआ। आप इसे बिलिंग काउंटर पर देते हैं।

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आगे क्या करना है, साफ-साफ

बातचीत के मुख्य बिंदु और शिकायत का रास्ता — बिलिंग काउंटर, शिकायत अधिकारी, उपभोक्ता मंच — आपकी स्थिति के हिसाब से।

सरकार की अपनी रेट सूचियों — CGHS, NPPA, PMJAY — से मिलान, वही पैमाने जो अदालतें इस्तेमाल करती हैं। आपका बिल एन्क्रिप्टेड रहता है, भारत में ही रहता है और जांच के बाद मिटा दिया जाता है। DPDP कानून का पालन।

आप अभी किस स्थिति में हैं?

अपनी स्थिति चुनें। हर स्टेज पर दस्तावेज़ जुड़ते जाते हैं — अभी क्या नया चाहिए, और पहले से क्या आपके पास होना चाहिए। जो मिल जाए वही भेज दें; जितने ज़्यादा दस्तावेज़, उतनी सटीक जांच।

शुरू करने का सबसे अच्छा समय — ज़्यादातर ओवरचार्ज होने से पहले ही रोके जा सकते हैं।

  • लिखित खर्च का अनुमान — कुछ भी साइन करने से पहले बिलिंग/भर्ती काउंटर से मांगें
  • बीमा पॉलिसी + शेड्यूल — बीमा कंपनी के ऐप या पॉलिसी ईमेल से (कमरा चुनने से पहले रूम-रेंट की सीमा जानना ज़रूरी है)
  • प्री-ऑथराइज़ेशन मंज़ूरी — कैशलेस है तो अस्पताल के बीमा काउंटर से, TPA की मंज़ूरी
  • योजना कार्ड — PMJAY/CGHS/ECHS/राज्य योजना कार्ड, अस्पताल की सूचीबद्धता (empanelment) पक्की करके
  • डॉक्टर की भर्ती पर्ची — असल में किस इलाज की सलाह दी गई
पढ़ें: भर्ती से पहले कैसे तैयारी करें

साथ-साथ जमा करते चलें — जब तक आप वहां हैं, गलतियां सुधारना सबसे आसान है।

इस स्टेज पर नया:

  • बीच-बीच के (interim) बिल — हर 2–3 दिन में बिलिंग काउंटर से मांगें; यह आपका हक़ है
  • जमा (डिपॉज़िट) की रसीदें — हर एडवांस की नंबर वाली रसीद
  • फोन पर रोज़ की नोट्स — कौन-सा डॉक्टर कब आया, कौन-से टेस्ट हुए, कौन-सी दवाएं दी गईं
  • दवा की पर्चियां — साथ में दवा की स्ट्रिप की फोटो (MRP मायने रखता है)
  • इम्प्लांट/स्टेंट का स्टिकर — ब्रांड, बैच और MRP; यह पाना आपका हक़ है

साथ में, भर्ती से पहले के दस्तावेज़ (अगर हों):

  • लिखित अनुमान · बीमा पॉलिसी + प्री-ऑथ · योजना कार्ड · भर्ती पर्ची
पढ़ें: भर्ती के दौरान किन चीज़ों पर नज़र रखें

पैसा चुकाने से पहले ये भेज दें — डिस्चार्ज के इंतज़ार वाली जांच हम सबसे पहले करते हैं।

इस स्टेज पर नया:

  • फाइनल आइटम-वार बिल — हर पन्ना; सिर्फ सारांश वाला बिल न लें, आइटम-वार बिल आपका हक़ है
  • डिस्चार्ज समरी — कुछ भी साइन करने से पहले पढ़ें
  • बीमा मंज़ूरी + कटौती (deduction) शीट — कैशलेस है तो: बीमा कंपनी ने कितना मंज़ूर किया बनाम आपसे कितना मांगा जा रहा है

साथ में, अब तक जमा किया हुआ सब (जो भी हो):

  • लिखित अनुमान · जमा रसीदें · बीच के बिल · दवा पर्चियां · रोज़ की नोट्स · इम्प्लांट स्टिकर · टेस्ट रिपोर्ट
मेरा फाइनल बिल भेजना है — जल्दी है

अभी भी पैसा वापस मिल सकता है — दबाव में पैसा भर देने से आपके हक़ खत्म नहीं होते।

इस स्टेज पर नया:

  • भुगतान के सबूत — बैंक/UPI स्टेटमेंट, अस्पताल की रसीदें
  • बीमा सेटलमेंट लेटर + कटौती शीट — हर कटौती की वजह लिखी होनी चाहिए
  • एडवांस के हिसाब की स्टेटमेंट — आपकी जमा रकम कैसे एडजस्ट हुई
  • कोई भी पत्राचार — अस्पताल या बीमा कंपनी से अब तक के ईमेल/मैसेज

साथ में, पिछली स्टेज का सब कुछ (जो भी हो):

  • फाइनल आइटम-वार बिल · डिस्चार्ज समरी · लिखित अनुमान · जमा रसीदें · दवा पर्चियां · टेस्ट रिपोर्ट · इम्प्लांट स्टिकर
भरे हुए बिल की जांच करें

कुछ दस्तावेज़ नहीं हैं? जो है वही भेज दें — हम बताएंगे कि अस्पताल से और क्या-क्या मांगना है। पूरी गाइड: हर स्टेज पर क्या जमा करें

अभी बिलिंग काउंटर पर खड़े हैं?

जो सवाल आपके मन में चल रहे हैं — सीधे जवाब।

मैं बात किससे करूं?

किसी से बहस करने से पहले, हमसे शुरू करें। जो दस्तावेज़ हैं वे WhatsApp पर भेज दें — नीचे का चेकर बताता है कि आपकी स्टेज पर कौन-से दस्तावेज़ ज़रूरी हैं। फिर जब आप बिलिंग काउंटर से बात करेंगे, तो आपके पास सही आंकड़े होंगे, सिर्फ अंदाज़ा नहीं।

जवाब कितनी जल्दी मिलेगा?

ज़्यादातर जांच कुछ घंटों में आ जाती है — अधिकतर बिलों के लिए उसी दिन। अगर आप डिस्चार्ज का इंतज़ार कर रहे हैं, तो हमें बताएं; ऐसे मामले हम सबसे पहले देखते हैं।

मेरा कितना खर्च होगा?

लॉन्च के दौरान कुछ नहीं। न कार्ड, न साइनअप। कीमतों की जानकारी हम बाद में देंगे — अभी जो भी भेजेंगे, उस पर कोई शुल्क नहीं।

क्या मैं अपना बिल आपको भरोसे से दे सकता हूं?

आपका बिल एन्क्रिप्टेड रहता है, भारत के सर्वर पर ही रहता है और जांच के बाद मिटा दिया जाता है। हम इसे कभी किसी अस्पताल या बीमा कंपनी से साझा नहीं करते। मिलान सरकार की अपनी रेट सूचियों से होता है — वही पैमाने जो अदालतें इस्तेमाल करती हैं।

रिपोर्ट का मैं करूं क्या?

आपत्ति पत्र बिलिंग काउंटर को दें — उसमें सही रेट और नियमों के हवाले होते हैं। अगर वे न मानें, तो यही रिपोर्ट हर अगले कदम पर काम आती है: शिकायत अधिकारी, बीमा कंपनी, उपभोक्ता मंच।

क्या पहले बिल भरना ज़रूरी है?

डिस्चार्ज के दबाव में पैसा भर देने से आपके हक़ खत्म नहीं होते — भरने के बाद भी आप आपत्ति करके पैसा वापस पा सकते हैं। पर हो सके तो पैसा चुकाने से पहले बिल हमें भेज दें।

आम सवाल।

01

BillOkay कैसे काम करता है?

WhatsApp पर BillOkay को अपने अस्पताल के बिल की फोटो भेजें। हमारी टीम हर लाइन पढ़ती है, उसे सरकारी रेट (CGHS, NPPA, PMJAY) से मिलाती है, ज़्यादा वसूली पर निशान लगाती है और आपको पूरी जांच रिपोर्ट भेजती है — साथ में बातचीत के लिए कदम भी।

02

आप किन सरकारी रेट से तुलना करते हैं?

CGHS 2025 रेट (4,000+ प्रोसीजर), NPPA की अधिकतम कीमतें (900+ दवाएं), PMJAY पैकेज रेट (1,578 प्रोसीजर), GIPSA बीमा रेट और AIIMS के संदर्भ रेट।

03

BillOkay की कीमत क्या है?

लॉन्च के दौरान BillOkay कोई शुल्क नहीं ले रहा है। हमारी टीम WhatsApp पर हर बिल खुद जांचती है। कीमतों की जानकारी आगे चलकर, चरणबद्ध लॉन्च के साथ दी जाएगी।

04

क्या आप मेरी तरफ से अस्पताल से बात करते हैं?

नहीं। BillOkay किसी अस्पताल, बीमा कंपनी या सरकारी संस्था से आपकी ओर से न संपर्क करता है, न बातचीत करता है, न आपकी पैरवी करता है — पत्र और शिकायतें आपके नाम से जाती हैं और आप ही भेजते हैं। जांच के बाद आपको मिलते हैं बातचीत के मुख्य बिंदु, सरकारी रेट के हवाले और तैयार आपत्ति पत्र, जिसे आप खुद अस्पताल के बिलिंग विभाग को दे सकते हैं।

05

क्या मुझे कोई ऐप डाउनलोड करना होगा?

नहीं। BillOkay पूरी तरह WhatsApp पर चलता है — वही ऐप जो 90 करोड़ भारतीय पहले से इस्तेमाल करते हैं। न डाउनलोड, न साइनअप, न पासवर्ड।

जानिए, असल में आपका कितना बनता है।

अभी WhatsApp पर अपने बिल की फोटो भेजें — या अपना नंबर छोड़ दें, हम आपको मैसेज करेंगे।

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